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खाने के बाद कितना होना चाहिठबà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल, कà¥â€à¤¯à¤¾ है जांच का सही तरीका
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना हम सà¤à¥€ के लिठजरूरी है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह छोटी सी चीज हमें डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित बना सकती है। आइठजानते हैं आखिर बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल खाने के बाद कितना होना चाहिà¤à¥¤
हमारे शरीर के अंदर à¤à¤¸à¥‡ ढेरों ऑरà¥à¤—नà¥à¤¸ हैं जो अलग अलग कारà¥à¤¯ करते हैं। इनमें से किसी के काम में à¤à¥€ बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो तो उसका परिणाम हमें बीमारियों के रूप में à¤à¥à¤—तना पड़ता है। à¤à¤¸à¤¾ ही कà¥à¤› बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल के साथ। बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल के बढ़ने के बहà¥à¤¤ से कारण हो सकते हैं। लेकिन इनमें से à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है हमारा à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥¤ दरअसल जब à¤à¥€ हम कारà¥à¤¬à¥à¤¸ का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करते हैं तो यह पचाते समय शà¥à¤—र में तबà¥à¤¦à¥€à¤² हो जाता है।
इसका उपयोग शरीर ऊरà¥à¤œà¤¾ के लिठकरता है। लेकिन जब शरीर में अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में शà¥à¤—र जाने लगे तो इससे यह हमारे बॉडी सेलà¥à¤¸ के अंदर चिपक जाते हैं। जिसकी वजह से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है। इसलिठबà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने के लिठà¤à¤• सही डाइट का सेवन जरूरी है। लेकिन à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ नहीं है कि बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के बढ़ने के पीछे केवल à¤à¥‹à¤œà¤¨ ही जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है। इसके कà¥à¤› दूसरे कारण à¤à¥€ हैं जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार है
हृदय रोग
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸
खराब जीवन शैली
सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग
अलà¥à¤•ोहल
फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ न करना
उमà¥à¤°
​बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र पर नजर रखना इनके लिठजरूरी
अगर आप टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज के शिकार हैं तो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल पर नजर बनाठरखना बेहद जरूरी है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके जरिठआप समठपाà¤à¤‚गे कि किस तरह दवा, फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€, à¤à¥‹à¤œà¤¨ आपके शरीर में रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर रहा है।
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में जब à¤à¥€ आपका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल अचानक बढ़ रहा होगा, तो आप सतरà¥à¤• हो जाà¤à¤‚गे। यह सतरà¥à¤•ता ही आपको डायबिटीज की वजह से होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाकर कर रखेगी जैसे, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, किडनी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी, हारà¥à¤Ÿ अटैक, अंधापन और शरीर के अंग कटने से à¤à¥€ बच सकते हैं। (1)
इन अंगों पर Diabetes करती है सीधा अटैक, नहीं किया कंटà¥à¤°à¥‹à¤² तो हमेशा के लिठहो जाà¤à¤‚गे डैमेज
​कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लोग जिनà¥à¤¹à¥‡ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल पर नजर रखनी चाहिà¤
à¤à¤¸à¥‡ लोग जो इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ लेते हों
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚
इस तरह के लोग जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज लेवल मेंटेन करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल लग रहा हो
à¤à¤¸à¥‡ लोग जिनका बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज लेवल कम रहता हो।
इस तरह के लोग जिनका बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज लेवल बिना किसी संकेत के कम हो जाता है।
à¤à¤¸à¥‡ लोग जो किटोनà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित हैं।
​à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद साधारण शà¥à¤—र लेवल कितना होना चाहिà¤
à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के 2 घंटे बाद आप बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज लेवल की जांच कर सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपको अंदाजा हो जाà¤à¤—ा कि आपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में जो à¤à¥€ खाया है, उसकी वजह से रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤° पर कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हà¥à¤† है। इसके बाद आप तय कर सकते हैं कि आपको अपनी डाइट में बदलाव करना है या नहीं। इसके लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह à¤à¥€ ले सकते हैं।
​à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद सही शà¥à¤—र लेवल कितना होना चाहिà¤
वयसà¥à¤• जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ à¤à¥€ नहीं हैं और जिनà¥à¤¹à¥‡ डायबिटीज नहीं है, à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद शà¥à¤—र लेवल 90-180 mg/dL
वयसà¥à¤• जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं है लेकिन डायबिटीज की शिकार हैं 180 mg/dL
वयसà¥à¤• जो डायबिटीज से पीड़ित है इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ लेता है 180 mg/dL
वयसà¥à¤• जो डायबिटीज से पीड़ित है लेकिन इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ नहीं लेते 140 mg/dL
महिला जो गेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज से पीड़ित है, à¤à¥‹à¤œà¤¨ के à¤à¤• घंटे बाद शà¥à¤—र लेवल 140 mg/dL
महिला जो गेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज से पीड़ित है, à¤à¥‹à¤œà¤¨ के दो घंटे बाद शà¥à¤—र लेवल 120 mg/dL
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला जो पà¥à¤°à¥€à¤à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¸à¤Ÿà¤¿à¤‚ग टाइप 1 या 2 डायबिटीज से पीड़ित हैं, à¤à¥‹à¤œà¤¨ के à¤à¤• घंटे बाद शà¥à¤—र लेवल 110-140 mg/dL
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला जो पà¥à¤°à¥€à¤à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¸à¤Ÿà¤¿à¤‚ग टाइप 1 या 2 डायबिटीज से पीड़ित है, खाने के 2 घंटे बाद बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल 100-120 mg/dL
​कà¥â€à¤¯à¤¾ है बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल की जांच का तरीका
आप दो तरह से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल की जांच कर सकते हैं। पहले गà¥à¤²à¥‚कोमीटर के जरिठऔर दूसरा गà¥à¤²à¥‚कोज मॉनिटरिंग के जरिà¤à¥¤ आप चाहें तो रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा की जांच सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में कई बार कर सकते हैं और अगर जरूरी लगे तो à¤à¤• दिन में 4 से 6 बार तक बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की जांच कर सकते हैं।
Blood Sugar टेसà¥â€à¤Ÿ करते वकà¥â€à¤¤ न करें ये 5 गलती, वरना रीडिंग आ सकती है गलत
​सामानà¥à¤¯ शà¥à¤—र लेवल कितना होता है
अमेरिकन डायबिटीज संसà¥à¤¥à¤¾ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ के à¤à¤• से दो घंटे बाद अगर बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल 180 mg/dL है तो इसे सामानà¥à¤¯ माना जा सकता है। हालांकि यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल हर किसी पर लागू नहीं होता। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह कà¥à¤› और चीजों पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° कर सकता है जैसे डायबिटीज को कितना समय हà¥à¤† है, कोई अनà¥à¤¯ बीमारी तो नहीं है, उमà¥à¤° के कारण, हृदय रोगी तो नहीं हैं
​à¤à¥‹à¤œà¤¨ कैसे करता है बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤
à¤à¤¸à¤¾ कहा जाता है कि बॉडी का अपना ही à¤à¤• तरीका है जिसके जरिठवह शरीर के हर अंग तक पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को पहà¥à¤‚चाती है। à¤à¤¸à¥‡ में जब à¤à¥€ आप à¤à¥‹à¤œà¤¨ करते हैं तो शरीर उसे कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में अलग अलग कर लेता है जैसे- (2)
कारà¥à¤¬à¥à¤¸
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨
फैट
विटामिनà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸
​अपने दैनिक आहार में कारà¥à¤¬à¥â€à¤¸ पर नजर रखें
हम सà¤à¥€ जानते हैं कि यह सà¤à¥€ ततà¥à¤µ हमारे शरीर के लिठबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी हैं। लेकिन कारà¥à¤¬à¥à¤¸ में कई पà¥à¤°à¤•ार होते हैं, जो शà¥à¤—र लेवल को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं इनमें सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š, शà¥à¤—र, और फाइबर सबसे अहम होते हैं। बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल बढ़ने का à¤à¤• साधारण नियम है कि आप जब à¤à¥€ कारà¥à¤¬à¥à¤¸ खाà¤à¤‚गे तो यह शरीर में जाकर शà¥à¤—र लेवल को बढ़ाà¤à¤—ा। लेकिन à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ नहीं है कि बताठगठतीन तरह का कारà¥à¤¬à¥à¤¸ à¤à¤• ही मातà¥à¤°à¤¾ में शà¥à¤—र लेवल को बढ़ाने का कारà¥à¤¯ करते हैं। फूड जो आपके शरीर में जाकर रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा को अलग अलग तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं, वह कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं।
सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š या कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ कारà¥à¤¬à¥à¤¸ -
सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ बीनà¥à¤¸, और गà¥à¤°à¥‡à¤¨
शà¥à¤—र -
फल, बेकरी आइटम, पेय पदारà¥à¤¥ और पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड जैसे अनाज या गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥‹à¤²à¤¾ बार
फाइबर -
साबà¥à¤¤ गेहूं के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, छोले, दाल, जामà¥à¤¨, नाशपाती, और बà¥à¤°à¤¸à¥‡à¤²à¥à¤¸ सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸
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​डायबिटीज में गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ का अहम रोल
आपको बता दें कि गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ आपकी यह जानने में मदद करता है कि कौन सी चीजें आपके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को बढ़ा सकती हैं और घटा सकती हैं। गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ के अंदर खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को 0 से लेकर 100 तक रेटिंग दी गई है। इसमें à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को अधिक रेटिंग दी गई है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाना, à¤à¤¬à¥à¤¸à¥‹à¤°à¥à¤¬ करना आसान है। यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल में बड़ा बदलाव पैदा करते हैं। जबकि कम इंडेकà¥à¤¸ वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ शरीर में बहà¥à¤¤ थोड़ा सा ही रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के रोगी पी सकते हैं गनà¥à¤¨à¥‡ का जूस? जानिठकिन मरीजों के लिठफायदेमंद है
​कà¥à¤¯à¤¾ कहते हैं à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ
अमेरिकन डायबिटीज संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के विशेषजà¥à¤ž लोगों को अपनी डाइट में पतले पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ को शामिल करने की सलाह देते हैं जैसे मीट, चिकन, वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ à¤à¤—, और लो फैट उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ आदि। वहीं हृदय को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठजैतून का तेल, नटà¥à¤¸, पीनट बटर आदि को डाइट में शामिल करने की राय देते हैं। (3)
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